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News Highlights provides you with the best compilation of the Daily News Highlights taking place across the globe: National, International, Sports, Science and Technology, Banking, Economy, Agreement, Appointments, Ranks, and Report and General Studies

DAINIK JAGRAN

1.

लाल किले पर पहली बार गूंजेगा 'वंदेमातरम्'

भारतीय क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस राष्ट्रीय गीत को प्राण-प्रण से गाकर भारत को आजाद कराया था, उसी वंदेमातरम् की गूंज भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किले पर पहली बार सुनाई देगी। रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बयान जारी कर कहा है कि 2026 में 'वंदेमातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यह राष्ट्रीय गीत पहली बार लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा, जो इसकी स्थायी विरासत को नमन होगा। यह स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत में गाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे, फिर राष्ट्रगान गाया जाएगा और अंत में प्रधानमंत्री राष्ट्र को संबोधित करेंगे। 


2.

एफसीआरए विधेयक किसी खास समुदाय के खिलाफ नहीं

विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक (एफसीआरए) को लेकर न सिर्फ भारत में राजनीतिक चर्चा छिड़ी हुई है, बल्कि अमेरिका एवं कुछ यूरोपीय देशों के नेताओं की ओर से भी इस पर सवाल उठाए गए हैं। इस पृष्ठभूमि में भारत सरकार ने विधेयक से जुड़ी भ्रांतियों और वास्तविकताओं का विस्तृत ब्योरा जारी किया है। भारत सरकार ने अपनी बात रखने के लिए अमेरिका स्थित भारतीय राजदूत विनय क्वात्रा को चुना है, जो दर्शाता है कि भारत वैश्विक समुदाय को वस्तुस्थिति से अवगत कराने को कितनी प्राथमिकता दे रहा है। क्वात्रा ने स्पष्ट किया है कि यह विधेयक किसी खास समुदाय या धर्म के खिलाफ नहीं है। 


3.

सहकारिता क्षेत्र में आसान होगा कर्ज लेने का रास्ता

सहकारी समितियों से जुड़े किसानों और छोटे कारोबारियों के लिए कर्ज एवं अन्य वित्तीय मदद प्राप्त करना अब आसान हो जाएगा। सरकार ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के कामकाज का दायरा बढ़ाने के लिए लोकसभा में सोमवार को एनसीडीसी संशोधन विधेयक पेश किया है। इसका मुख्य उद्देश्य एनसीडीसी की वित्तीय सहायता को ज्यादा सीधा, लचीला एवं समयबद्ध बनाना है। नए प्रविधान के तहत अब एनसीडीसी सिर्फ सहकारी समितियों को ही नहीं, बल्कि सहकारी क्षेत्र में काम करने वाली अन्य पात्र संस्थाओं को भी सीधे ऋण और अनुदान दे सकेगा। अभी ऐसी संस्थाओं को सीधे एनसीडीसी से वित्तीय मदद मिलने में कानूनी अड़चन है। 


4.

बैंकों ने 12 साल में बड़े कारपोरेट के 10 लाख करोड़ के ऋण बट्टे खाते में डाले

बैंकों ने पिछले 12 सालों में बड़े कारपोरेट को दिए गए 9.95 लाख करोड़ रुपये के ऋण बट्टे खाते में डाले हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को संसद में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2018-19 में बट्टे खाते की राशि 1,48,753 करोड़ रुपये पर पहुंच गई थी जोकि 2025-26 में घटकर 20,485 करोड़ रह गई है। उन्होंने बताया कि यह वह लोन राशि होती है जिसे बैंक अपनी बैलेंस शीट से हटा देते हैं। यह एक अकाउंटिंग प्रक्रिया है। हालांकि इससे लोनधारकों को राहत नहीं मिलती है यानी यह कर्ज माफी नहीं है। 


5.

बैंकों ने 12 साल में बड़े कारपोरेट के 10 लाख करोड़ के ऋण बट्टे खाते में डाले

बैंकों ने पिछले 12 सालों में बड़े कारपोरेट को दिए गए 9.95 लाख करोड़ रुपये के ऋण बट्टे खाते में डाले हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने सोमवार को संसद में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2018-19 में बट्टे खाते की राशि 1,48,753 करोड़ रुपये पर पहुंच गई थी जोकि 2025-26 में घटकर 20,485 करोड़ रह गई है। उन्होंने बताया कि यह वह लोन राशि होती है जिसे बैंक अपनी बैलेंस शीट से हटा देते हैं। यह एक अकाउंटिंग प्रक्रिया है। हालांकि इससे लोनधारकों को राहत नहीं मिलती है यानी यह कर्ज माफी नहीं है। 


6.

क्यूएस ग्लोबल रैंकिंग में भारतीय संस्थानों की संख्या 11 से बढ़कर 52 हुई

शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआइआरएफ) के लांच होने के बाद से क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में जगह बनाने वाले भारतीय संस्थानों की संख्या 11 से 52 हो गई है। केंद्र सरकार ने एनआइआरएफ को 2015 में देश के उच्च शिक्षा संस्थानों और विश्वविद्यालयों की सालाना रैंकिंग (भारतीय रैंकिंग) के लिए लांच किया था, ताकि शैक्षणिक संस्थानों और विश्वविद्यालयों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिले। रैंकिंग का तरीका पांच मुख्य पैमानों पर आधारित है, जिनमें शिक्षण, सीखना और संसाधन, शोध और पेशेवर तौर-तरीके, ग्रेजुएशन के नतीजे, पहुंच और समावेशिता और साथियों की राय (पीयर परसेप्शन) शामिल है। 


7.

केरल का नाम 'केरलम' करने को सरकार ने लोस में पेश किया बिल

सरकार ने दक्षिण भारतीय राज्य केरल का नाम केरलम करने से संबंधित विधेयक सोमवार को लोकसभा में पेश किया। केरल विधानसभा ने 'केरल' का नाम बदलकर 'केरलम' करने से संबंधित प्रस्ताव दो साल पहले पारित किया था। केरल सरकार ने जून 2024 में राज्य की विधानसभा द्वारा नाम बदलने के संबंध में पारित प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। इसके बाद राष्ट्रपति ने राज्य विधानसभा को अपनी राय देने के लिए एक विधेयक भेजा और बाद में राज्य विधानसभा ने विधेयक से सहमत होते हुए सर्वसम्मत प्रस्ताव पारित किया। 


8.

ग्राहकों के लिए मुफ्त रहेंगे यूपीआइ लेन-देन : सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को राज्यसभा में कहा, ग्राहकों के लिए यूपीआइ भुगतान मुफ्त रहेंगे और भविष्य में मर्चेंट चार्ज (मर्चेंट डिस्काउंट रेट या एमडीआर) सिर्फ एक तय सीमा से अधिक वाले मर्चेंट लेन-देन की सीमित श्रेणी पर ही लागू होंगे। यूपीआइ लेन-देन पर शुल्क लगने की आशंका दूर करते हुए वित्त मंत्री ने कहा, सड़क किनारे सामान बेचने वालों के साथ होने वाले कम मूल्य के लेन-देन समेत अधिकतर मर्चेंट लेन-देन मुफ्त बने रहेंगे। 


9.

मप्र में यूसीसी विधेयक पर राज्यपाल ने मांगी कानूनी सलाह

मध्य प्रदेश विधानसभा से पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक को अनुमति देने से पहले राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कानूनी सलाह मांगी है। उन्होंने इसे लोकभवन की विधि एवं विधायी शाखा को भेजा है। यहां से हरी झंडी मिलने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु की अनुमति के लिए भेजा जाएगा, क्योंकि इसके कई प्रविधान भारत सरकार के विभिन्न कानूनों से संबंधित हैं। बता दें कि इसमें बहुविवाह और निकाह हलाला पर पूरी तरह से रोक लगाने के साथ ही विवाह और तलाक व लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर प्रविधान किए गए हैं। 


10.

दूर हों सुरक्षित सफर के राह की बाधाएं

देश में सड़कों का विकास तेजी से हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण की औसत गति लगभग 35 किमी प्रतिदिन है, जिसे बढ़ाकर 100 किमी प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। सड़क परिवहन मंत्रालय की 2025-26 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में सड़कों की लंबाई 63.73 लाख किमी से भी अधिक है। सड़क नेटवर्क में अमेरिका के बाद भारत ही दूसरे क्रम पर है। मार्च 2014 तक देश में राष्ट्रीय राजमार्गों की लंबाई 91,287 किमी थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 1,46,572 किमी हो गई थी। सड़कें बढ़ने से वाहनों और वाहन दुर्घटनाओं की संख्या भी तीव्रता से बढ़ रही है। दुर्घटनाओं का ग्राफ साल दर-साल ऊपर ही जा रहा है। 


11.

दलों की सांगठनिक प्रक्रिया में परिवर्तन

भारतीय राजनीति वर्तमान में सत्ता के बदलते समीकरणों के साथ ही उसके अर्थ और उसकी सामाजिक संरचना के पुनर्परिभाषित होने के नए दौर से गुजर रही है। हाल के वर्षों में उभरे युवा एवं छात्र आंदोलनों ने इस बदलाव को अधिक स्पष्ट किया है। इन आंदोलनों को केवल किसी सरकार, किसी राजनीतिक दल या किसी नेता के विरोध के रूप में देखना शायद इनके व्यापक राजनीतिक अर्थ को सीमित कर देना होगा। वस्तुतः यह राजनीतिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली से जुड़ी असहमति का विषय भी है 


12.

अंतरिक्ष से जुड़े मलबे का संकट

मनुष्य ने जब पहली बार अंतरिक्ष की ओर कदम बढ़ाया था, तब पृथ्वी की परिक्रमा करता एकमात्र प्राकृतिक उपग्रह केवल चंद्रमा था। लेकिन आज समय बदल चुका है। अंतरिक्ष की यह असीम दुनिया अब मानव निर्मित मलबे, निष्क्रिय उपग्रहों और राकेटों के अवशेषों का एक विशाल कचराघर बनती जा रही है। हाल ही में स्पेसएक्स का एक अनियंत्रित राकेट बूस्टर तेज गति से चंद्रमा की सतह से जा टकराया, जिस कारण यह विषय एक बार फिर सुर्खियों में है। यह दुर्घटना केवल एक अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह इस बात की चेतावनी है कि अंतरिक्ष में हमारा बढ़ता हस्तक्षेप अब केवल पृथ्वी की कक्षाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह हमारे अंतरिक्षीय पड़ोस यानी चांद तक अपनी पहुंच बना चुका है। 


13.

रूस से लगातार दूसरे महीने रिकार्ड कच्चे तेल का आयात

भारत ने जुलाई में लगातार दूसरे महीने रिकार्ड कच्चे तेल का आयात किया है। यह इस बात को दर्शाता है कि भारत ने पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद सस्ते रूसी तेल पर अपनी निर्भरता बनाए रखी है। 


14.

एथनाल और ईवी को विकल्प नहीं, पूरक के तौर पर देखें: आइएफजीई

ई20 पेट्रोल से वाहनों के माइलेज और अनुकूलता को लेकर जारी बहस के बीच इंडियन फेडरेशन आफ ग्रीन एनर्जी (आइएफजीई) ने कहा है कि भारत को एथनाल और इलेक्ट्रिक वाहनों को एक-दूसरे के विकल्प के तौर पर नहीं, बल्कि पूरक के रूप में देखना चाहिए। संगठन के मुताबिक, देश को एथनाल, ईवी, हाइब्रिड, सीएनजी और हाइड्रोजन जैसी तकनीकों को साथ लेकर चलने वाली विविध ऊर्जा रणनीति की जरूरत है।


15.

ई20 से पर्यावरण, खेती व खाद्य सुरक्षा पर असर की आशंका : विशेषज्ञ

एथनाल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देने की नीति पर विशेषज्ञों ने पर्यावरण, खेती के स्वरूप, खाद्य सुरक्षा, भूजल और किसानों की आय पर संभावित असर को लेकर चिंता जताई है। दिल्ली साइंस फोरम के विज्ञानी एवं कार्यकर्ता डी. रघुनंदन, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के पूर्व सचिव सिराज हुसैन और नीति आयोग के पूर्व सदस्य रमेश चंद ने कहा कि एथनाल नीति के असर का व्यापक आकलन जरूरी है। 


16.

जिनेवा के एरियाना पार्क में नजर आएंगे भारत के दिए पांच मोर

भारत ने जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को पांच भारतीय मोर सौंपे हैं, जिनमें सफेद पंखों वाला एक दुर्लभ मोर भी शामिल है। इसके साथ ही दशकों पुरानी परंपरा को फिर से शुरू किया गया है। ये मोर लगभग तीन महीने तक एक सुरक्षित बाड़े में रहेंगे, जिसके बाद उन्हें एरियाना पार्क में स्वतंत्र रूप से घूमने की अनुमति दी जाएगी। इसी पार्क में संयुक्त राष्ट्र का यूरोपीय मुख्यालय स्थित है। 


17.

मप्र के जंगलों में मिले 6.5 करोड़ वर्ष पुराने जीवाश्म

मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के जंगलों में करीब 6.5 करोड़ वर्ष पुराना मूंगा यानी प्रवाल जीवाश्म के प्रमाण मिले हैं, जो आज से बिल्कुल अलग भूगोल की कहानी कहता है। घड़े की आकृति में मिली जीवाश्म की कठोर संरचनाएं बताती हैं कि जिस भूभाग पर आज घने जंगल हैं, उसके अतीत में समुद्री पर्यावरण मौजूद रहा होगा। 


18.

कैप्टिव ब्रीडिंग तकनीक से विकसित किया जाएगा हिमालयन स्नो ट्राउट

जम्मू-कश्मीर में स्वच्छ पानी की मछलियों के संरक्षण की दिशा में शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (स्कास्ट) कश्मीर के विज्ञानियों को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। विज्ञानियों ने स्थानीय स्तर पर खोंट के नाम से विख्यात संकटग्रस्त हिमालयन स्नो ट्राउट के कृत्रिम प्रजनन और लार्वा पालन की मानकीकृत तकनीक विकसित कर ली है। इस तकनीक से भविष्य में कैप्टिव ब्रीडिंग तकनीक से स्नो ट्राउट को विकसित किया जाएगा। 


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DAINIK JAGRAN (11 Aug 2026) | Daily News Highlights