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1.
काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के कारण दिल्ली में व्यापक प्रतिबंधों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को मौखिक टिप्पणी की कि नागरिकों के प्रदर्शन करने के अधिकार पर कोई विवाद नहीं है, लेकिन प्रदर्शन का तरीका पुलिस एक्ट के दायरे से बाहर नहीं हो सकता, यह उसके अनुरूप होना चाहिए। मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल कानून में तय प्रक्रिया से अलग नहीं किया जा सकता। शीर्ष अदालत ने कई निर्देश जारी करते हुए कहा कि शांतिपूर्वक एकत्रित लोगों को गैरकानूनी रूप से हिरासत में नहीं लिया जाना चाहिए।
2.
भारत सरकार ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओएचसीएचआर) द्वारा शनिवार को नई दिल्ली में हुए घटनाक्रम पर व्यक्त चिंताओं को सख्ती से खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ओएचसीएचआर की टिप्पणियां अवांछित हैं। भारत के आंतरिक मामलों में इस तरह का हस्तेक्षप अस्वीकार्य है। संयुक्त राष्ट्र को आईना दिखाते हुए विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोहरे मानक से ओएचसीएचआर की विश्वसनीयता घट रही है।
3.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) का दुरुपयोग, परमाणु युद्ध और जैविक हथियार आने वाली पीढ़ियों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। इन पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो इस सदी के अंत तक मानव सभ्यता के अस्तित्व पर संकट गहरा सकता है। हालांकि, इस तरह की तबाही की आशंका बेहद कम है। द लैंसेट की एक नई रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि इन खतरों से निपटने के लिए दुनिया को अभी से मिलकर प्रयास करने होंगे।
4.
हा 'ल में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित 57वीं वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद की बैठक में जीएसटी को सरल एवं बेहतर बनाने के लिए बड़े बदलाव किए। ये बदलाव करीब एक साल पहले जीएसटी दरों और स्लैब को कम करने के लिए गए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों के बाद अब जीएसटी व्यवस्था में सुधार को नई धार देते हुए दिखाई दे रहे हैं। जीएसटी परिषद के नए फैसले पंजीकरण, टैक्स रिटर्न, रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी), कर प्रवर्तन, निर्यात, विवाद निपटान और विभिन्न प्रदेशों के बीच वस्तुओं की आवाजाही से जुड़े नियमों को सरल और लाभप्रद बनाने से संबंधित हैं। वस्तुतः यह पूरी कवायद, व्यापार सुगमता (ईज आफ डूइंग बिजनेस) और कर अनुपालन के सरलीकरण पर केंद्रित हैं।
5.
पिछले कुछ दशकों के दौरान देश में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है। परंतु यह भी सही है कि नागरिक स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च को कम करने में किफायती दामों पर दवाएं मिलना अब भी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। यह चुनौती उन मरीजों के लिए अधिक है जिन्हें कैंसर, दुर्लभबीमारियों व जानलेवा एवं आपातकालीन स्वास्थ्य स्थितियों के लिए लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता होती है।
6.
आइआइटी बांबे की एक रिपोर्ट में यूपीआइ ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को अभी के 0.40 प्रतिशत से घटाकर 0.08 प्रतिशत करने की सलाह दी गई है। रिपोर्ट में आइआइटी के प्रोफेसर आशीष दास और आरबीआइ में पहले काम कर चुकीं प्रज्ञा दास ने कहा कि फोनपे और गूगल पे जैसे थर्ड पार्टी एप्लीकेशन प्रोवाइडर्स और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स (ये ज्यादातर बैंक हैं) को उनकी सेवाओं के लिए पैसे मिलने चाहिए। रिपोर्ट में थर्ड पार्टी एप्लीकेशन प्रोवाइडर्स के लिए एमडीआर को एनपीसीआइ के बताए 0.08 प्रतिशत से घटाकर 0.06 प्रतिशत करने और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स का हिस्सा 0.02 पर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
7.
केंद्र सरकार ने देश के इस्पात क्षेत्र की उत्पादन क्षमता बढ़ाने, वैश्विक प्रतिस्पर्धी क्षमता मजबूत करने और आयात पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से नई राष्ट्रीय इस्पात नीति-2047 का मसौदा जारी किया है। इसके तहत वर्ष 2047 तक भारत की कच्चे इस्पात की उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 60.4 करोड़ टन करने का लक्ष्य रखा गया है। नीति के मसौदे अनुसार, 2047 तक तैयार इस्पात की मांग 50.5 करोड़ टन, प्रति व्यक्ति इस्पात खपत 302 किलोग्राम और इस्पात निर्यात 4.5 करोड़ टन तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
8.
न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, इसायस तूफान शुक्रवार को फ्लोरिडा के डेस्टिन के पास तट से टकराया था। उस समय हवा की रफ्तार 105 मील प्रति घंटे थी। इससे घरों और कारों पर पेड़ गिर गए, सड़कें पानी में डूब गईं, छतें उखड़ गईं और छज्जे उड़ गए। इसायस दो साल में अमेरिकी मुख्यभूमि से टकराने वाला पहला तूफान है। अक्टूबर 2024 में मिल्टन तूफान फ्लोरिडा के पश्चिमी तट से टकराया था। इसायस से मध्य एपलाचियन पर्वतीय क्षेत्र और मध्य-अटलांटिक क्षेत्र में मध्यम से भारी बारिश होने की आशंका है। इससे कुछ इलाकों में बाढ़ आ सकती है।
9.
भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्याभ्यास 'माउंटेन गार्जियन 2026' रानीखेत स्थित फारेन ट्रेनिंग नोड में जोश और उत्साह के साथ जारी है। 18 अक्टूबर तक चलने वाले इस 14-दिवसीय अभ्यास में दोनों देशों के सैन्य बल दुर्गम पहाड़ी युद्धकला (माउंटेन वारफेयर) और सामरिक तालमेल की नई मिसाल पेश कर रहे हैं।
10.
कार्बेट नेशनल पार्क के साथ लगे तराई पश्चिमी वन प्रभाग हाथीडगर पर्यटन जोन में यूरोप का पक्षी स्पाटेड फ्लाईकैचर दिखा है। तीन अक्टूबर को हैदराबाद के पर्यटक शिवा एन कुमार और बर्ड वाचर मोहम्मद नफीस ने इस पक्षी को कैमरे में कैद किया। नफीस के अनुसार 36 साल पहले 1990 में उत्तराखंड के नंदा देवी बायोस्फीयर क्षेत्र में इसकी मौजूदगी मिली थी। उसके बाद यह पक्षी राज्य में रिपोर्ट नहीं हुआ। फ्लाईकैचर पक्षी यूरोपीय देशों में ठंड शुरू होने पर गर्म देशों की ओर चला जाता है। भारत में हिमाचल, पंजाब, राजस्थान, गुजरात, जम्मू कश्मीर, हरियाणा, महाराष्ट्र में इसकी उपस्थिति दर्ज हुई है।

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