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News Highlights provides you with the best compilation of the Daily News Highlights taking place across the globe: National, International, Sports, Science and Technology, Banking, Economy, Agreement, Appointments, Ranks, and Report and General Studies

1.
सभी मंत्रालय और विभाग अनावश्यक खर्च में करें कटौती : मोदी
पश्चिम एशिया संकट के बीच 40 अरब डालर के निवेश प्रस्तावों के साथ पांच देशों की यात्रा से लौटते ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को अपनी मंत्रिपरिषद के साथ लंबी बैठक की और हर स्तर पर तैयार रहने को कहा। प्रधानमंत्री ने सभी मंत्रियों से अपने अपने विभागों में अनावश्यक खर्चों में कटौती को प्रभावी तरीके से लागू करने का निर्देश दिया। उन्होंने मंत्रियों को संवेदनशीलता और सर्तकता के साथ बढ़ने का संदेश देते हुए हर स्तर पर ऐसे कदम उठाने का निर्देश दिया जो अर्थव्यवस्था की रफ्तार को बरकरार रखें। उनका जोर सुधारों को तेजी से लागू करने पर रहा।
2.
अफ्रीकी देशों से आने वाले के लिए इबोला को लेकर गाइडलाइन जारी
भारत ने इबोला प्रभावित देशों से आने वाले या वहां से गुजरने वाले यात्रियों के लिए एक स्वास्थ्य परामर्श जारी की है, जिसमें लक्षण या जोखिम इतिहास वाले लोगों को आव्रजन मंजूरी से पहले तुरंत हवाई अड्डे के स्वास्थ्य अधिकारियों को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत में अब तक इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है।
3.
सुप्रीम कोर्ट का प्रत्येक जिले में कम से कम पांच क्रिटिकल केयर एंबुलेंस रखने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को निर्देश दिया है कि वे प्रत्येक जिले में वेंटीलेटर की सुविधा वाली कम से कम पांच क्रिटिकल केयर एंबुलेंस रखें। कोर्ट ने अस्पतालों के आइसीयू के बारे में विशेषज्ञ समिति द्वारा तय मानदंडों को स्वीकार करते हुए सभी राज्यों को पहले स्तर के आइसीयू मानदंड यानी आइसीयू लेबल-वन लागू करने को भी कहा है। साथ ही उनके यहां उनमें जो कमियां है, उन्हें तय समयसीमा में दूर करने की योजना 31 जुलाई तक सौंपने को कहा है।
4.
मानवाधिकार आयोग कोर्ट नहीं, केवल सिफारिशी संस्था
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) अदालत की तरह बाध्यकारी आदेश या निर्णय जारी नहीं कर सकता। मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम 1993 के तहत एनएचआरसी केवल एक सिफारिशी संस्था है और उसके पास न्यायालय जैसी निर्णायक शक्तियां नहीं हैं।
5.
यदि आरोपित को आपत्ति नहीं तो कोर्ट चला सकते हैं देशद्रोह का मुकदमा : सुप्रीम कोर्ट
देशद्रोह कानून (धारा 124ए) पर सुप्रीम कोर्ट ने एक बेहद महत्वपूर्ण और मानवीय फैसला सुनाया है। इसने स्पष्ट किया है कि यदि आरोपित को कोई आपत्ति न हो, तो अदालतें देशद्रोह से जुड़े मामलों की सुनवाई और ट्रायल को आगे बढ़ा सकती हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने यह व्यवस्था 17 साल से जेल में बंद एक आरोपित की याचिका पर सुनवाई करते हुए दी। इस आरोपित की अपील मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित है, और उसने गुहार लगाई थी कि वह अपना फैसला चाहता है ताकि इस अनिश्चितता से मुक्ति मिल सके।
6.
म्यूआन की गुत्थी सुलझाने के करीब विज्ञान
ब्रह्मांड के सूक्ष्मतम कणों की दुनिया में म्यूआन को एक लंबे अर्से से एक विचित्र और रहस्यमय कण माना जाता रहाच दशकों से विज्ञानियों को लग रहा था कि यह सूक्ष्म उप-परमाण्विक कण शायद भौतिकी के स्थापित सिद्धांतों को चुनौती देने वाला है। दरअसल, इसके चुंबकीय व्यवहार में दिखने वाली एक छोटी-सी विसंगति ने विज्ञानियों को यह सोचने पर विवश कर दिया था कि कहीं प्रकृति में कोई नई शक्ति या अज्ञात कण विद्यमान तो नहीं है। लेकिन 'नेचर' में प्रकाशित एक अध्ययन से ऐसा प्रतीत हो रहा है कि विज्ञान म्यूआन की गुत्थी को काफी हद तक सुलझाने के करीब पहुंच गया है।
7.
सरकारी स्कूलों में व्यवस्थागत सुधार
शिक्षा व्यवस्था राष्ट्र की नींव होती है। भारत जिस प्रकार कृषि प्रधान देश है, उसी प्रकार यह सरकारी स्कूल या शिक्षा प्रधान भी है। गांव-देहात में रहने वाले करोड़ों बच्चे आज भी सरकारी स्कूलों पर निर्भर हैं। उनके पास न तो आर्थिक संपन्नता है और न ही ऐसे दूसरे संसाधन हैं कि वे निजी स्कूलों का रुख कर सकें। प्रत्येक बच्चे तक समुचित शिक्षा की पहुंच के बिना विकसित भारत का संकल्प पूरा नहीं हो सकता है। लिहाजा सरकारी स्कूलों में भी बेहतर सुविधाएं होनी चाहिए
8.
पेटेंट में अव्वल, अंतिम उत्पाद बनाने में पिछड़ा है भारत
नीति आयोग का मानना है कि रिसर्च और पेटेंट के क्षेत्र में भारत का प्रदर्शन मजबूत हो रहा है, लेकिन इन रिसर्च और पेटेंट को व्यावसायिक रूप से सफल बनाने में अपेक्षा के अनुरूप कामयाबी नहीं मिल पा रही है। इनोवेशन के आइडियाज आ रहे हैं, प्रोटोटाइप बन रहे हैं, लेकिन वह वैश्विक स्तर के अंतिम उत्पाद में तब्दील नहीं हो पा रहे हैं। इसका एक बड़ा कारण यह है कि भारत में टेक्लोनाजी ट्रांसफर मैकेनिज्म की कमी है और बौद्धिक संपदा के प्रबंधन को लेकर स्पष्टता नहीं है।
9.
ईरान बोला- देश से बाहर नहीं जाएगा यूरेनियम, ट्रंप ने कहा-लेकर रहेंगे
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौता एक बार फिर मुश्किलों में घिरता दिख रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को किसी भी स्थिति में देश से बाहर नहीं भेजेगा। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि हम किसी भी तरह यूरेनियम हासिल कर लेंगे। हालांकि, हमें इसकी जरूरत नहीं है और संभवतः हम इसे नष्ट कर देंगे। इसके साथ ही ट्रंप ने ये भी कहा कि समझौता करने के लिए ईरान के पास ज्यादा समय नहीं बचा है। पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। दोनों पक्षों के बीच टकराव बढ़ने की आशंका से कच्चे तेल की कीमतें 107 डालर पर पहुंच गईं।
10.
2027 से यूएई की नई तेल पाइपलाइन से फुजैराह बंदरगाह तक होगी तेल आपूर्ति
ईरान युद्ध के कारण फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते तनाव ने खाड़ी देशों की चिंता बढ़ा दी है। ईरान की ओर से समुद्री मार्गों पर नियंत्रण और हमलों के चलते क्षेत्र से तेल निर्यात गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है। ऐसे में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने फुजैराह बंदरगाह तक नई वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन परियोजना को तेज गति से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है, ताकि तेल आपूर्ति के लिए होर्मुज पर निर्भरता कम की जा सके।
11.
वैश्विक राजनीति की असली धुरी बनता जा रहा है चीन
वैश्विक राजनीति में इस हफ्ते जो तस्वीर बीजिंग से निकली, उसने साफ कर दिया कि अब हालात पहले जैसे नहीं रहे। कभी पूरी दुनिया को अपनी अंगुलियों पर नचाने वाला अमेरिका अब चीन के सामने उतना मजबूत नहीं दिख रहा, जबकि रूस भी सबसे भरोसेमंद साथी की तरह बीजिंग के दरवाजे पर खड़ा नजर आया। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्वागत किया तो दूसरी ओर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ घंटों बातचीत कर दुनिया को यह अहसास दिला दिया कि अब वैश्विक राजनीति की असली धुरी बीजिंग बनता जा रहा है।

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