You're all caught up—no notifications available.
Explore All Exams at KGS

All Exams
Explore All Exams at KGS
Khan Sir Courses
Geography I Polity I History | World Map I Indian Map I Economics I Biology
UPSC & State PSC
UPSC I BPSC I UP-PSC I MP-PSC
State Exams
UP I Bihar I MP | Rajasthan
NEET | JEE | CUET
NEET | JEE | CUET
Defence Exams
NDA I CDS I CAPF I AFCAT I SSB I Agniveer
Police Exams
UP SI | Bihar SI | Delhi Police | UP Constable
SSC Exams
CGL I CPO I CHSL I MTS I SSC GD I Delhi Police
Foundation Courses
Physics I Chemistry I Biology I History I Geography I Polity I NCERT I Math I English | Map I Reasoning
Railway Exams
RRB | RPF
Teaching Exams
TET | Teaching | UGC
Banking Exams
SBI | RBI | IBPS
Engineering Exams
Civil | Electrical | Mechanical
UGC NET
UGC NET/JRF
News Highlights provides you with the best compilation of the Daily News Highlights taking place across the globe: National, International, Sports, Science and Technology, Banking, Economy, Agreement, Appointments, Ranks, and Report and General Studies

1.
आपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में जमकर कहर बरपाने वाली भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस और एयर डिफेंस सिस्टम आकाशतीर अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के सुरक्षा कवच बनेंगे। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच यूएई भारत से आकाशतीर व ब्रह्मोस खरीदने पर विचार कर रहा है। इस सिलसिले में काफी तेजी से बातचीत चल रही है। यदि यह सौदा पूरा होता है तो यूएई ब्रह्मोस खरीदने वाला चौथा देश बन सकता है। इसे सऊदी अरब को यूएई का जवाब भी माना जा रहा है, जो पाकिस्तान के साथ रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ा रहा है। ईरान युद्ध के दौरान सऊदी अरब में पाकिस्तान ने वायु सेना के तमाम लड़ाकू विमान भी तैनात किए थे।
2.
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय सड़क सुरक्षा के लिए जितने भी दावे लगातार कर रहा है, वह सब फिर खोखले साबित हुए हैं। 2024 में हुए सड़क हादसों और उनमें प्रभावितों का आंकड़ा तो पहले ही आ चुका था, लेकिन हाल ही में मंत्रालय द्वारा जारी 2024 की रिपोर्ट ने इस चिंताजनक तथ्य को उजागर किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पैदल यात्रियों के लिए अधिक जानलेवा साबित हो रहे हैं। 2019 से 2024 के बीच 1.8 लाख से अधिक पैदल यात्रियों की जान सड़क हादसों में गई है, जिसमें से राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई मौतों का आंकड़ा 30 प्रतिशत से अधिक है। यानी सड़क दुर्घटना का शिकार बन रहा हर तीसरा पैदल यात्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर जान गंवा रहा है। ध्यान रहे कि हादसे लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
3.
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष की समाप्ति के लिए स्विट्जरलैंड में ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौते के बाद ईरान सरकार की कूटनीतिक गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण नई दिल्ली में सोमवार को ब्रिक्स सुरक्षा सलाहकारों की बैठक के दौरान देखने को मिला। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्यूरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेट्री डा. गादिर नेजामीपुर और चीन के विदेश मंत्री वांग यी की अहम मुलाकात हुई। इस बैठक में चीन ने ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुलकर समर्थन किया। दोनों देशों के बीच इस मुलाकात को सामरिक साझेदारी को नई ऊंचाई देने वाला कदम माना जा रहा है।
4.
वैश्विक जहाज रीसाइक्लिंग में भारत अग्रणी राष्ट्र बन गया है। भारत ने मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 के तहत दुनिया का अग्रणी शिप-रीसाइक्लिंग देश बनने का लक्ष्य समय से काफी पहले ही हासिल कर लिया है। 2024 में वैश्विक जहाज रीसाइक्लिंग में भारत की हिस्सेदारी 30.1 प्रतिशत थी, जो 2025 में 35.4 प्रतिशत हो गई है। संयुक्त राष्ट्र व्यापार और विकास सम्मेलन (अंकटाड) की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बयान में कहा गया है कि भारत में जहाज रीसाइक्लिंग 2024 में 1.86 मिलियन ग्रास टन (जीटी) थी जो 2025 में 60 प्रतिशत बढ़कर 2.99 मिलियन जीटी हो गई। इस अवसर पर बंदरगाह, जहाजरानी व जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, दुनिया के सबसे बड़े जहाज रीसाइक्लिंग देश के तौर पर भारत का उभरना, लगातार नीतिगत सुधारों, इंडस्ट्री की कोशिशों, पर्यावरण व सुरक्षा मानकों के पालन की सफलता को दिखाता है।
5.
भारत और यूएई के बीच व्यापार, ऊर्जा, निवेश व रक्षा विनिर्माण के क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी लगातार मजबूत हुई है। दोनों देश सैन्य उपकरणों के संयुक्त विकास पर भी सहमति बना चुके हैं। ऐसे में प्रस्तावित सौदे को दोनों देशों के बढ़ते सामरिक संबंधों के रूप में देखा जा रहा है। भारत के रक्षा निर्यात में हाल के वर्षों में तेज वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा निर्यात चार अरब डालर के पार पहुंच गया। फिलीपींस को ब्रह्मोस की आपूर्ति के बाद वियतनाम व इंडोनेशिया के साथ भी निर्यात समझौते हुए हैं। थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका, ब्राजील व चिली ने भी भारतीय रक्षा प्रणालियों में रुचि दिखाई है।
6.
न्यायपालिका की गरिमा और उसकी आंतरिक व्यवस्था की शुचिता को बनाए रखना कितना जरूरी है, इसका एक जीवंत उदाहरण देश की सर्वोच्च अदालत में देखने को मिला। हिमाचल प्रदेश के एक वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने बेहद भावपूर्ण लेकिन दो टूक शब्दों में कहा, "हम कोलेजियम की कार्यवाही को लेकर किसी भी नए विवाद का पिटारा (पेंडोरा बाक्स) नहीं खोलना चाहते।" अदालत के इस रुख ने साफ कर दिया कि न्यायाधीशों की नियुक्ति में संस्थागत निर्णय और वरिष्ठता के बीच एक महीन रेखा होती है, जिसका सम्मान हर हाल में किया जाना चाहिए।
7.
बांबे हाई कोर्ट ने महाराष्ट्र में बढ़ती जल संकट की समस्या पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ और पीने योग्य पानी उपलब्ध कराना राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि साफ पानी तक पहुंच केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि नागरिकों का मौलिक अधिकार है। जस्टिस ए.एस. गडकरी और जस्टिस कमल खाता की पीठ सोमवार को विदर्भक्षेत्र के अमरावती जिले के आदिवासी बहुल मेलघाट इलाके में कुपोषण से शिशुओं, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं की मौत से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की भारी कमी बनी हुई है, जिससे लोगों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
8.
अपने बोतलबंद पानी और स्वास्थ्यवर्धक झरनों के लिए प्रसिद्ध फ्रांस के प्रमुख पर्यटन केंद्र एवियां-ले-बान में जी-7 की शिखर बैठक से अधिक उत्सुकता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारत के प्रधानमंत्री मोदी की बैठक को लेकर थी, जो 16 महीनों बाद हो रही थी। औपचारिक न होने के कारण इससे किसी निर्णय की उम्मीद तो नहीं थी, मगर यह अनुमान लगने की आशा अवश्य थी कि टैरिफ जंग छेड़ने के बाद से भारत के हितों और सम्मान को ठेस पहुंचाते आ रहे ट्रंप प्रशासन के फैसलों और बयानों का आपसी रिश्तों पर कितना असर पड़ा है और उनकी भावी दिशा क्या हो सकती है? बैठक से पहले दो तीन ऐसी घटनाएं हुईं, जिनकी शिकायत करना भी अनिवार्य हो गया था। इससे एक सप्ताह पहले ही अमेरिकी नौसेना ने ओमान की खाड़ी से गुजर रहे तेल टैंकर पर हमला करके तीन भारतीय नाविकों को मार डाला था। एक दिन पहले पेंटागन ने प्रशांत से लेकर हिंद महासागर तक फैले क्षेत्र में अमेरिकी सुरक्षा हितों को देखने वाली अपनी इंडो-पैसिफिक कमान के नाम से इंडो शब्द हटाते हुए उसका पुराना नाम पैसिफिक कमान रखने का एलान किया था। भारत के लिए इससे भी बड़ी चिंता का विषय वह मानचित्र था, जिसे यूएस पैसिफिक कमान के नए नामकरण के साथ दिखाया गया। इस मानचित्र में गुलाम कश्मीर को पाकिस्तान और अक्साई चिन को चीन के भाग के रूप में दिखाया गया है, जिसे भारत कतई बर्दाश्त नहीं कर सकता।
9.
भारतीय अर्थव्यवस्था इस समय एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है, जहां चुनौतियां भी हैं और अवसर भी। एक ओर खुदरा महंगाई दर रिजर्व बैंक के लक्ष्य से नीचे बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर थोक महंगाई में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। हाल के भू-राजनीतिक तनावों में कमी के बाद रुपया फिर मजबूती की ओर बढ़ा है, देश का विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत है और भारत सबसे तेजी से बढ़ती हुई बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। यह तस्वीर आश्वस्त करने वाली है, पर इसके भीतर कुछ ऐसे संकेत भी छिपे हैं, जिन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता। सबसे महत्वपूर्ण संकेत थोक और खुदरा महंगाई के बीच बढ़ता अंतर है। हाल में थोक महंगाई तेजी से बढ़ी है, जबकि खुदरा महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित रही है। यह स्थिति लंबे समय तक नहीं रहती। उत्पादन लागत में होने वाली वृद्धि का बोझ अंततः उपभोक्ताओं तक पहुंचता ही है। इसलिए आज जो दबाव उद्योगों और उत्पादकों पर दिखाई दे रहा है, उसका असर आने वाले समय में आम उपभोक्ता की जेब पर भी पड़ सकता है।
10.
इक्कीसवीं सदी के शहरी विकास ने मनुष्य को केंद्र से हटाकर वाहन को केंद्र में स्थापित कर दिया है। परिणामस्वरूप सड़कें चौड़ी हुईं, यातायात बढ़ा और वाहन स्वामित्व में वृद्धि हुई, लेकिन पैदल चलना लगातार कठिन, असुरक्षित और हतोत्साहित होता गया। जहां फुटपाथ हैं, वहां वे टूटे हुए हैं, अतिक्रमण से घिरे हैं या पार्किंग में बदल चुके हैं। जहां फुटपाथ नहीं हैं, वहां नागरिक को तेज रफ्तार वाहनों के साथ सड़क साझा करनी पड़ती है। यह स्थिति केवल यातायात प्रबंधन की समस्या नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक समानता का प्रश्न भी है। सड़क पर सबसे कम जगह उसी नागरिक को मिलती है, जो सबसे कम संसाधनों वाला है। निजी वाहन वाला व्यक्ति सड़क को गति के रूप में देखता है, जबकि पैदल चलने वाला नागरिक उसी सड़क को संघर्ष के रूप में अनुभव करता है। यह विभाजन आर्थिक और सामाजिक दोनों है। जिनके पास वाहन नहीं हैं, उनके लिए शहर अधिक लंबा, थकाऊ और असुरक्षित हो जाता है।
11.
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता केवल एक भू-राजनीतिक युद्धविराम नहीं है, बल्कि इस वर्ष की एक महत्वपूर्ण आर्थिक घटना भी है। इसने वैश्विक अर्थव्यवस्था को संभावित मंदी के खतरे से राहत दिलाई है। ऊर्जा बाजारों का स्थिरीकरण, महंगाई में नरमी एवं केंद्रीय बैंकों को मौद्रिक नीति में ढील देने का अवसर मिलना इस वार्ता के प्रत्यक्ष सकारात्मक परिणाम हैं। यदि यह शांति वार्ता एक स्थायी समझौते में परिवर्तित होती है, तो भारत के आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सकती
12.
आरबीआइ के अनुसार, भारत 135.4 अरब डालर के साथ दुनिया का सबसे बड़ा विदेशी रेमिटेंस प्राप्तकर्ता देश है। इस कुल डालर आवक में अकेले खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के छह देशों की हिस्सेदारी लगभग 38-39 प्रतिशत है अर्थात 52 से 56 अरब डालर। ईरान-अमेरिका शांति वार्ता के परिणामस्वरूप यदि खाड़ी क्षेत्र में भू-राजनीतिक स्थिरता बहाल होती है, तो भारतीय रेमिटेंस में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। युद्ध की आशंका के कारण सऊदी अरब की विजन 2030 परियोजना तथा संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की कई बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की गति धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब इनके पुनः रफ्तार पकड़ने की संभावना है। इससे खाड़ी देशों में कार्यरत 85 लाख से अधिक भारतीयों के रोजगार और अधिक सुरक्षित होंगे।
13.
कोयला, कच्चे तेल और रिफाइनरी उत्पादन में गिरावट से मई में आठ प्रमुख बुनियादी ढांचा क्षेत्र (कोर सेक्टर) की वृद्धि सात महीने के सबसे निचले स्तर 0.5 प्रतिशत पर आ गई। मई, 2025 में यह 1.2 प्रतिशत थी। सोमवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद और फर्टिलाइजर उत्पादन में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल-मई 2026-27 के दौरान, मुख्य क्षेत्रों की वृद्धि 1.1 प्रतिशत पर सपाट रही। इससे पहले अक्टूबर 2025 में, आठ सेक्टर्स के उत्पादन में 0.1 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आइआइपी) कोर सेक्टर का कुल वेटेज 40.27 प्रतिशत है और ये कुल अर्थव्यवस्था में औद्योगिक वृद्धि का एक अच्छा संकेतक है।
14.
विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने भारत में संरचनात्मक सुधारों, निजी क्षेत्र की भागीदारी और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए 1.5 अरब डालर के वित्तपोषण को मंजूरी दे दी है। यह सहायता 'बूस्टिंग जाब क्रिएशन इन द प्राइवेट सेक्टर डेवलपमेंट पालिसी फाइनेंसिंग' कार्यक्रम के तहत दी जाएगी।
15.
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलने के लिए स्विट्जरलैंड में हुई उच्चस्तरीय वार्ता सोमवार तड़के समाप्त हो गई। कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने 60 दिनों के भीतर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए रोडमैप पर सहमति जताई है। वार्ता के सकारात्मक रुख से वैश्विक बाजारों ने राहत की सांस ली। शेयर बाजारों में उछाल दर्ज किया गया, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। हालांकि, कीमतें 80 डालर के आसपास बनी हैं। इस बीच होर्मुज जलडमरूमध्य से भी कुछ जहाजों के निकलने की खबरें हैं। लेबनान पर भी शनिवार के बाद से इजरायली हमले नहीं हुए।
16.
ब्रिटेन में लंबे समय से सत्तारूढ़ लेबर पार्टी में विरोध का सामना कर रहे प्रधानमंत्री किएर स्टार्मर ने सोमवार को पद से त्यागपत्र दे दिया। लेकिन नए नेता के पद संभालने तक वह कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य करते रहेंगे। पिछले 10 वर्षों में कार्यकाल पूरा किए बगैर इस्तीफा देने वाले वह ब्रिटेन के छठे प्रधानमंत्री हैं। स्टार्मर की जगह उनकी पार्टी के नेता एंडी बर्नहम के प्रधानमंत्री बनने की प्रबल संभावना है। उन्होंने उम्मीदवारी का एलान भी कर दिया है और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने उनका समर्थन कर दिया है। स्ट्रीटिंग ने कुछ दिन पहले ही स्टार्मर मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था।
17.
अमेरिका ने भारत के अपाचे हेलीकाप्टरों और एम777ए 2 अल्ट्रा-लाइट होवित्जर तोपों के लिए रखरखाव से जुड़ी सपोर्ट सर्विस और संबंधित उपकरणों की प्रस्तावित बिक्री को औपचारिक तौर पर अधिसूचित कर दिया है। इसकी अनुमानित कुल लागत 48.22 करोड़ डालर है।

Course Related Query:
Ask Your DoubtsStore Related Query:[email protected]NEET | JEE | CUET
NCERT Books
Resources
We love learning. Through our innovative solutions, we encourage ourselves, our teams, and our Students to grow. We welcome and look for diverse perspectives and opinions because they enhance our decisions. We strive to understand the big picture and how we contribute to the company’s objectives. We approach challenges with optimism and harness the power of teamwork to accomplish our goals. These aren’t just pretty words to post on the office wall. This is who we are. It’s how we work. And it’s how we approach every interaction with each other and our Students.
Come with an open mind, hungry to learn, and you’ll experience unmatched personal and professional growth, a world of different backgrounds and perspectives, and the freedom to be you—every day. We strive to build and sustain diverse teams and foster a culture of belonging. Creating an inclusive environment where every students feels welcome, appreciated, and heard gives us something to feel (really) good about.
Get Free academic Counseling & Course Details
