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JANSATTA

1.

पर्यावरण संबंधी मंजूरी के बाद ही शुरू होंगी नई परियोजनाएं

विकास और पर्यावरण के संतुलन को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक अहम फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने कहा कि भविष्य में किसी भी नई परियोजना को शुरू करने से पहले ही पर्यावरण मंजूरी लेनी होगी। काम शुरू होने के बाद मंजूरी नहीं मिलेगी। 


2.

वंदे मातरम् के अपमान पर होगी तीन साल तक की सजा, लगेगा जुर्माना

राज्यसभा ने बुधवार को राष्ट्रीय सम्मान का अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 को संक्षिप्त चर्चा के बाद ध्वनिमत से पारित कर दिया। इसके प्रावधानों के तहत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के गायन के दौरान किसी भी तरह का बाधा डालना या उसका अपमान अपराध माना जाएगा और इसके लिए तीन साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों के प्रावधान हैं। हालिया प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृहमंत्री के बयान पर अड़े विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बाद उनके बहिर्गमन के बीच यह विधेयक पारित हुआ।


3.

बाल सुरक्षा और गरिमा का सवाल

वर्तमान स्थिति पर गौर करें, तो जमीनी हकीकत बेहद निराशाजनक है। केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2018 से 2022 के बीच देश में मानव तस्करी के 10,659 मामले दर्ज किए गए। इसके बावजूद, इसी अवधि में दोषसिद्धि की दर मात्र 4.8 फीसद रही। दर्ज मामलों और सजा पाए अपराधियों के बीच का यह बड़ा अंतर इस बात को उजागर करता है कि जांच, अभियोजन और संस्थागत समन्वय में गंभीर खामियां हैं। इससे तस्करों का मनोबल बढ़ता है, क्योंकि उन्हें यह विश्वास रहता है कि सजा मिलने की संभावना बेहद कम है। दोषसिद्धि की कम दर के पीछे एक बड़ा कारण प्रशिक्षित मानव तस्करी निरोधक इकाइयों की कमी है। जांचने के लिए जब भी खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं, तो उनमें से ज्यादातर में मिलावट पाई जाती है। 


4.

मिलावट का संजाल

देश में खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर समस्या बन गई है। इससे न केवल शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण वस्तुओं का संकट पैदा हो गया है, बल्कि इसकी वजह से लोग कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से भी जूझ रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम दावों के बावजूद मुनाफा कमाने के इस अवैध कारोबार पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। भारतीय खाद्य संरक्षण एवं मानक प्राधिकरण के ताजा आंकड़ों से साफ है कि मिलावटी वस्तुओं का बाजार बेरोक-टोक फल-फूल रहा है। वर्ष 2025-2026 में देश भर में पांच लाख से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के बाद दो लाख से ज्यादा नमूने लिए गए थे। इनमें से चालीस हजार नमूने गैर-मानक पाए गए, जिनमें सबसे ज्यादा बीस हजार नमूने उत्तर प्रदेश के थे। हालांकि देश के अन्य राज्यों में भी स्थिति अच्छी नहीं है। यह अक्सर देखा गया है कि गुणवत्ता जांचने के लिए जब भी खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जाते हैं, तो उनमें से ज्यादातर में मिलावट पाई जाती है। 


5.

लोकसभा में पेपर लीक निरोधक विधेयक पारित

नीट मामले की जांच सीबीआइ को सौंपी : सिंह

लोकसभा ने बुधवार को 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026' को मंजूरी दे दी। नीट पेपर लीक की पृष्ठभूमि में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में सख्त प्रावधान शामिल करने के लिए यह विधेयक लाया गया। 


6.

घरेलू रेटिंग एजंसी ने कहा, मार्च 2028 तक

सोने के बदले कर्ज का आकार 30 लाख करोड़ होने का अनुमान

कर्जदाताओं में सोने के बदले कर्ज (गोल्ड लोन) देने की दिलचस्पी बढ़ने से इस तरह के ऋण का कुल आकार मार्च, 2028 तक बढ़कर 30 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है, जो मार्च, 2026 में 18 लाख करोड़ रुपए था। इक्रा ने बुधवार को एक रिपोर्ट में यह अनुमान जताया। घरेलू रेटिंग एजंसी इक्रा रेटिंग्स ने कहा कि गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) इस क्षेत्र में बैंकों से तेज वृद्धि दर्ज करती रहेंगी। वित्त वर्ष 2027-28 के अंत तक कुल बकाया पोर्टफोलियो में एनबीएफसी की हिस्सेदारी बढ़कर 23 फीसद हो सकती है, जो वित्त वर्ष 2025-26 में 22 फीसद थी। एजंसी ने कहा कि 2026-27 से 2027-28 के दौरान एनबीएफसी के गोल्ड लोन कारोबार में सालाना 35 फीसद की दर से वृद्धि होने का अनुमान है, जबकि बैंकों के लिए यह दर करीब 30 फीसद रह सकती है।


7.

'प्रतिस्पर्धी बढ़त मिलने पर लागू होगा व्यापार समझौते का पहला चरण'

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते का पहला चरण तभी लागू होगा, जब अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि भारत को अपने प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में लाभ मिले। गोयल ने कहा कि जब तक भारत को प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले बेहतर या कम से कम समान शुल्क का लाभमिलता रहेगा, तब तक भारत, अमेरिका को अपना निर्यात बढ़ाता रहेगा और वहां उपलब्ध विशाल बाजार के अवसरों का लाभ उठाता रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने धारा 301 के तहत बंधुआ मजदूरी से जुड़े मामलों की अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) की जांच प्रक्रिया में भाग लिया था।


8.

अमेरिका ने विदेशी निर्मित ह्यूमनाइड रोबोट के आयात पर लगाई रोक

अमेरिका के संघीय संचार आयोग (एफसीसी) ने मंगलवार को विदेशी निर्मित ह्यूमनाइड रोबोट के आयात पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। खास तौर पर चीन को निशाना बनाने वाले इस कदम को लेकर अमेरिका ने तर्क दिया है कि ऐसे रोबोट राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। इस फैसले से दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच संबंधों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि अत्याधुनिक तकनीक की दौड़ तेज हो रही है। चीन अमेरिका और अन्य प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में काफी अधिक ह्यूमनाइड रोबोट बनाता है।


9.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा 

भारत ने होर्मुज जलमार्ग में हमलों की निंदा की

भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ती हिंसा और तनाव को गंभीर रूप से चिंताजनक करार दिया तथा होर्मुज जलमार्ग में कई समुद्री जहाजों पर हुए हालिया हमलों की कड़ी निंदा करते हुए क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में निर्बाध नौवहन और व्यापार जल्द बहाल करने की मांग की। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने पश्चिम एशिया को भारत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया और कहा कि, क्षेत्र में थोड़े समय हमले रुकने के बाद फिर हमले शुरू हो गए हैं जो चिंताजनक है। यह बेहद गंभीर स्थिति है और भारत तत्काल तनाव कम करने का आग्रह करता है।


10.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग सेवा विवादों में जांच कर सकता है

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के पास सेवा विवादों में फैसला सुनाने का अधिकार नहीं है। आयोग केवल जांच कर सकता है और सरकार को सिफारिश या सलाह दे सकता है। लेकिन बाध्यकारी आदेश जारी नहीं कर सकता। न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने बंबई हाईकोर्ट का वह फैसला रद्द कर दिया, जिसमें सेवा विवाद से जुड़े मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का आदेश बरकरार रखा गया था।


11.

ईडब्ल्यूएस के आरक्षण की पात्रता के लिए आठ लाख रुपए की सालाना आय उचित

सुप्रीम कोर्ट ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के आरक्षण के लिए निर्धारित आठ लाख रुपए की वार्षिक आय सीमा को प्रथमदृष्टया उचित बताया है। हालांकि, अदालत ने इस मानदंड की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम फैसला फिलहाल सुरक्षित रखते हुए सुनवाई एक सप्ताह के लिए स्थगित कर दी। न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक आराधे की पीठ 2021 में दायर उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है जिसके तहत मेडिकल पाठ्यक्रमों की अखिल भारतीय कोटा सीटों में अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत और ईडब्ल्यूएस के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लाग किया गया है।


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JANSATTA (30 Jul 2026) | Daily News Highlights